BEGIN:VCALENDAR
VERSION:2.0
PRODID:-//Vraj Dwar - ECPv6.15.20//NONSGML v1.0//EN
CALSCALE:GREGORIAN
METHOD:PUBLISH
X-WR-CALNAME:Vraj Dwar
X-ORIGINAL-URL:https://vrajdwar.org
X-WR-CALDESC:Events for Vraj Dwar
REFRESH-INTERVAL;VALUE=DURATION:PT1H
X-Robots-Tag:noindex
X-PUBLISHED-TTL:PT1H
BEGIN:VTIMEZONE
TZID:Asia/Kolkata
BEGIN:STANDARD
TZOFFSETFROM:+0530
TZOFFSETTO:+0530
TZNAME:IST
DTSTART:20250101T000000
END:STANDARD
END:VTIMEZONE
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260130
DTEND;VALUE=DATE:20260131
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121829Z
LAST-MODIFIED:20250722T121829Z
UID:30860-1769731200-1769817599@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 12
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-12/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260129
DTEND;VALUE=DATE:20260130
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121828Z
LAST-MODIFIED:20250722T121828Z
UID:30859-1769644800-1769731199@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 11
DESCRIPTION:जया एकादशी व्रतम् ।
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-11/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260128
DTEND;VALUE=DATE:20260129
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121827Z
LAST-MODIFIED:20250722T121827Z
UID:30858-1769558400-1769644799@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 10
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-10/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260127
DTEND;VALUE=DATE:20260128
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121827Z
LAST-MODIFIED:20250722T121827Z
UID:30857-1769472000-1769558399@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 9
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-9/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260126
DTEND;VALUE=DATE:20260127
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121826Z
LAST-MODIFIED:20250722T121826Z
UID:30856-1769385600-1769471999@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 8
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-8/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260125
DTEND;VALUE=DATE:20260126
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121825Z
LAST-MODIFIED:20250722T121825Z
UID:30855-1769299200-1769385599@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 7
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-7/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260124
DTEND;VALUE=DATE:20260125
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121822Z
LAST-MODIFIED:20250722T121822Z
UID:30854-1769212800-1769299199@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 6
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-6/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260123
DTEND;VALUE=DATE:20260124
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121819Z
LAST-MODIFIED:20250722T121819Z
UID:30853-1769126400-1769212799@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 5
DESCRIPTION:बसन्त पंचमी  ।       वसंत पंचमी सेवा क्रम :\nआज से बसंत ऋतु का आगमन हो रहा है. आज भगवान श्री कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न जी का प्राक्टयोत्सव है \, जो कामदेव के अवतार हैं।  इसलिए आज इसे मदन महोत्सव भी कहा जाता है। वसंत पंचमी से 40 दिनों तक प्रभु सेवा में दास्य भाव के स्थान पर सख्य भाव – सखाभाव से उत्सव मनाया जाता है। आज से सेवा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. आज से शित्कालीन सेवकराम के शितोपचार वडा होंगे। और सफेद रंग सजावटी रूप से धारण होगा । सिहाशन\, पिछवाई आदि में सफेद रंग सजाया जाएगा। \nवसंत पंचमी पर श्रृंगार सेवा में भगवान को सफेद छींट के  लाल किनारी वाले  वस्त्र धराए  जाएंगे । सादी सफेद खिड़की की पाघ . सादी मोर  चंद्रिका धराई जाएगी. आज से आभूषण सुवर्ण\, मीनाकारी माणिक के धरे जाएंगे । वसंत पंचमी से 40 दिनों तक चिबुक नहीं धरे जाएंगे. और दोहरी गुंजामाला. यानी 2 गुंजा  माला धरी जाएगी . इस दिन से प्रभु छोगा छड़ी धरी जाएगी. आज से प्रभु को जरी के वस्त्र नहीं धरे जाएंगे | \nसामग्री के क्रम में खजूर और फगुआ मावा। साथ ही लीला मेवा  और सूखे मेवे का भोग लगाया जाएगा |  नाथद्वारा में आज  2 राजभोग धरे जाएंगे. जिससे आज के दिन ९ समा के दर्शन होंगे. प्रथम राजभोग के बाद वसंत कलश जो प्रेम की आराधना का प्रतीक है।  राधाजी प्रभुकी सेवा में\, वसंत के आगमन के प्रतीक के रूप में\, कलश में जल भरा जाता है और कलश मे  आम के पेड़ के पत्तों\, खजूर की शाखाओं\, सरसों के पीले फूलों\, आम्र मंजरी शाखाओं सहित अन्य फूलों से सजाया जाता है। और कलश अधिवासन होता है | जिसके  नाथद्वारा सेवा क्रम में दर्शन किए जा सकते  है। \nद्वितीय राजभोग के पश्चात प्रभु खेल खिलाए जाएंगे | \nआज से 40 दिनों तक 4 यूथ  (निर्गुण\, तमस\, रजस\, सात्विक) के भक्तों द्वारा भगवान को केसर\, चोवा\, चंदन\, अबीर\, गुलाल आदि से खेल खेलाए जाते है। सखा भाव से सेवा भाव के कारण प्रभु  के श्रीचरणों को सफेद वस्त्र से ढका जाता है। पहले 10 दिनों में हल्का  खेल खेला जाता है। जिसमें चोवा\, अबीर\, चंदन\, केसर की बिंदी अनामिका उंगली से लेकर वस्त्र पर लगाई जाती है | खंडपाट\, पिछवाई मे खेल खिलाए जाते है | धीरे-धीरे खेल की मात्रा बढ़ती जाती है\, धमार के अंतिम 10 दिनों में अधिक भारी खेल आता है। \nआज से कुंज एकादशी तक राजभोग खेल में श्री गुसाइजी की अष्टपदी गाई जाती है। \nसेवा क्रम :\nवसंत पंचमी श्रीनाथजी सेवा क्रम \nडेली मंडे\, बन्दर वाल बंधे।जमनाजल की झारीजी आवे।थाली की आरती ।गेंद चौगान \,दिवला चाँदी के।अभ्यंग होवे।खंड\,पाट सब साज चाँदी को आवे\,डोल तक रहे।आज से शयन के दर्शन बाहर खुलने प्रारंभ हो जाएंगे | \nवस्त्र:- घेरदार बागा\,चोली\,सुथन\,सब स्वेत\,अड़तू के आवे।पटका मोठड़ा को\,पाग स्वेत\,स्याम खिड़की की।ठाड़े वस्त्र लाल।पिछवाई स्वेत मलमल की।आज सो छोगा छड़ी नित्य आवे। \nआभरण:- सब फागुन के।सोना\,माणक\, मीना के मिलमा।श्रृंगार छेड़ान से दो आगुल नीचे।सिरपेच की जगह \,पट्टी दर जडाऊ कटिपेच आवे।श्रीमस्तक पे एक मोर चन्द्रिका।वेणु वेत्र सोना के बटदार।आरसी दोनों समय बड़ी डाँड़ी की।40 दिन गुंज्जा माला दोहरा आवे।पट चीड़ को\,गोटी चाँदी की। \nनाथद्वारा में आज  2 राजभोग धरे जाएंगे. जिससे आज के दिन ९ समा के दर्शन होंगे. प्रथम राजभोग के बाद वसंत कलश जो प्रेम की आराधना का प्रतीक है।  कलश अधिवासन होगा |  राजभोग में बीच के चौका पे बसंत को हांडा आवे। \nश्री को चन्दन\,गुलाल\,अबीर\,चोवा से खिलावे।फिर ठाड़े वस्त्र\,पिछवाई\, बसंत\,चंदवा को खिलावे।अबीर\, गुलाल उड़े।फिर दूध घर\,शाग घर\,बालभोग के उत्सव भोग आवे।तुलसी\,शंखोदक\,धुप दिप होवे तत्पश्चात दर्शन खुले।आरती में पुष्प उड़े। \nगोपी वल्लभ मैवा बाटी\,फिका में चालनी\,वारा बड़े सेव के नग।रसोई में मीठी सेव\,केसरी पेठाआदी अरोगे। सायं आरती पीछे सब श्रृंगार बड़े होवे।लूम तुर्रा सुनहरी धरावे।शयन के दर्शन खुले।। \nमंगला – मोहन सों मन मान्यो \nश्रृंगार – माई री आज और काल और  \nराजभोग (खेल) – ब्रज युवती शत संगे \nराजभोग – गावत चली बसंत बधावन  \nआरती – देखत बसंत समे ब्रज सुंदर  \nशयन – गोवर्धन की शिखर चारु \nSeva kram  courtesy: Shrinathji Temple Nathdwara Management | \nVasant Nitya Seva Kirtan
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-5/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260122
DTEND;VALUE=DATE:20260123
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121815Z
LAST-MODIFIED:20250722T121815Z
UID:30852-1769040000-1769126399@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 4
DESCRIPTION:श्री मुकुन्दरायजी को पाटोत्सवः । श्री मुकुंदराईजी की लीला भावना\, स्वरूप भावना\, इतिहास जानने के लिए हमारे गध्य साहित्य के निधि स्वरूप नामक ई-बुक को पढे |  Nidhi Swaroops
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-4/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260121
DTEND;VALUE=DATE:20260122
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121812Z
LAST-MODIFIED:20250722T121812Z
UID:30851-1768953600-1769039999@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 3
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-3/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260120
DTEND;VALUE=DATE:20260121
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121809Z
LAST-MODIFIED:20250722T121809Z
UID:30850-1768867200-1768953599@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 2
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260119
DTEND;VALUE=DATE:20260120
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121808Z
LAST-MODIFIED:20250722T121808Z
UID:30849-1768780800-1768867199@vrajdwar.org
SUMMARY:माघ शुक्लपक्ष 1
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-1/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260118
DTEND;VALUE=DATE:20260119
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121807Z
LAST-MODIFIED:20250722T121807Z
UID:30848-1768694400-1768780799@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 30
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-30/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260117
DTEND;VALUE=DATE:20260118
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121807Z
LAST-MODIFIED:20250722T121807Z
UID:30847-1768608000-1768694399@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 14
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-14/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260116
DTEND;VALUE=DATE:20260117
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121806Z
LAST-MODIFIED:20250722T121806Z
UID:30846-1768521600-1768607999@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 13
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-13/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260115
DTEND;VALUE=DATE:20260116
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121805Z
LAST-MODIFIED:20250722T121805Z
UID:30845-1768435200-1768521599@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 12
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-12/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260114
DTEND;VALUE=DATE:20260115
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121805Z
LAST-MODIFIED:20250722T121805Z
UID:30844-1768348800-1768435199@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 11
DESCRIPTION:षट्तिला एकादशी व्रतम्। मकर संक्रान्तिः। तिलवा उत्थापन अथवा भोग में ता पीछे दान श्राद्धादि करने। अबके यह संक्रान्ति आज दिन के ३ बजके ७ मिनिट पर बैठे है। तासूं पुण्यकाल आज दिन के ३ बजके ७ मिनिट सूं लेके सूर्यास्त पर्यन्त है। तामे भी संक्रान्ति के पास के २ घंटा अति मुख्य पुण्यकाल है। उत्तरायण। धनुर्मास की समाप्ति। \nआज उत्तरायण पर्व (मकर-संक्रांति) है. भारतीय तिथियों का आकलन चंद्रमा की कलाओं के आधार पर किया जाता है और सामान्यतया अधिकतर त्यौहार चन्द्र तिथियों के आधार पर ही मनाये जाते हैं परन्तु यह त्यौहार सूर्य के विभिन्न राशियों पर संक्रमण के आधार पर मनाया जाता है अतः सामान्यतया अंग्रेज़ी वर्ष की 14 अथवा 15 जनवरी को मनाया जाता है. \nप्राचीन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रतिमाह सूर्य का निरयण राशी परिवर्तन संक्रांति कहलाता है.\nइसके अनुसार सूर्यदेव आज मकर राशि में प्रवेश एवं दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रस्थान करते हैं. प्रतिमाह संक्रांति अलग-अलग वाहनों में\, वस्त्र धारण कर\, शस्त्र\, भोज्य पदार्थ एवं अन्य पदार्थों के साथ आती है. \nयद्यपि सूर्य की 12 संक्रांतियां है परन्तु इनमें से चार (मेष\, कर्क\, तुला एवं मकर) संक्रांति महत्वपूर्ण है.  \nभारत में सामान्य लोग केवल मकर-संक्रांति के विषय में जानते हैं क्योंकि इस दिन दान-पुण्य किया जाता है परन्तु ‘पुष्टिमार्ग’ में भी दो (मेष एवं मकर) संक्रांति को मान्यता दी गयी है.\nमकर-संक्रांति 14-15 जनवरी एवं मेष-संक्रांति 14 अप्रेल को मनायी जाती है. \nगद्दल भीतर छीट का  व बाहर केसरी साटन का  \nकीर्तन –मंगला दर्शन (राग : विभास) \nतरणी तनया तीर आवत है प्रातसमें गेंद खेलत देख्योरी आनंदको कंदवा \nश्रीजी का सेवाक्रम –\nपर्व रुपी उत्सव होने के कारण श्रीजी मंदिर के सभी मुख्य द्वारों की देहरी (देहलीज) को पूजन कर हल्दी से लीपी जाती हैं एवं आशापाल की सूत की डोरी की वंदनमाल बाँधी जाती हैं.\nसभी समय झारीजी में यमुनाजल भरा जाता है. रजाई व गद्दल छींट की आती है. दिन में दो समाँ में आरती थाली में की जाती है. \nमंगला दर्शन पश्चात प्रभु को चन्दन\, आवंला\, एवं फुलेल (सुगन्धित तेल) से अभ्यंग (स्नान) कराया जाता है. \nमलार मठा खींच को लोंदा।\nजेवत नंद अरु जसुमति प्यारो जिमावत निरखत कोदा॥\nमाखन वरा छाछ के लीजे खीचरी मिलाय संग भोजन कीजे॥\nसखन सहित मिल जावो वन को पाछे खेल गेंद की कीजे॥\nसूरदास अचवन बीरी ले पाछे खेलन को चित दीजे॥ \nउत्तरायण पर्व मकर-संक्रांति \nश्रीजी में आज रेशमी छींट के वस्त्र धराये जाते हैं.\nप्रभु के समक्ष नयी गेंदे धरी जाती है. सभी समां में गेंद खेलने के पद गाये जाते हैं. \nश्रीजी को गोपीवल्लभ (ग्वाल) भोग में कट-पूवा अरोगाये जाते हैं. \nराजभोग में अनसखड़ी में नियम से दाख (किशमिश) का रायता व सखड़ी में केसरी पेठा\, मीठी सेव\, विशेष रूप से सिद्ध सात धान्य का खींच व मूंग की द्वादशी अरोगायी जाती है. इसके साथ प्रभु को आज गेहूं का मीठा खींच भी अरोगाया जाता है. \nइस अवधि में गोपीवल्लभ (ग्वाल) समय श्रीजी को तिलवा व उत्सव भोग धरे जाएंगे. इसी समयावधि में वैष्णव भी अपने सेव्य स्वरूपों को तिलवा के भोग घर सकते हैं. \nउत्सव भोग में श्रीजी को तिलवा के गोद के बड़े लड्डू\, श्री नवनीतप्रियाजी\, श्री विट्ठलनाथजी एवं श्री द्वारकाधीश प्रभु के घर से आये तिलवा के लड्डू\, दूधघर में सिद्ध की गयी केसर युक्त बासोंदी की हांड़ी\, विविध प्रकार के संदाना (आचार) के बटेरा एवं तले हुए बीज-चालनी के नमकीन सूखे मेवे का भोग अरोगाया जाता है.\nमकर संक्रांति में श्रीजी के कीर्तन – \nश्रृंगार दर्शन – (राग-धनाश्री) \nतरणी तनया तीर आवत है प्रातसमें गेंद खेलत देख्योरी आनंदको कंदवा l\nकाछिनी किंकिणी कटि पीतांबर कस बांधे लाल उपरेना शिर मोरनके चंदवा ll \nआरती दर्शन -(राग-नट) \nतुम मेरी मोतीन लर क्यों तोरी ।\nरहो रहो ढोटा नंदमहरके करन कहत कहा जोरी ।।१।।\nमें जान्यो मेरी गेंद चुराई ले कंचुकी बीच होरी ।\nपरमानंद मुस्काय चली तब पूरन चंद चकोरी ।।२।। \nशयन – (राग-धनाश्री)  \nग्वालिन तें मेरी गेंद चुराई l\nखेलत आन परी पलका पर अंगिया मांझ दुराई ll 1 ll\nभुज पकरत मेरी अंगिया टटोवत छुवत छतियाँ पराई l\n‘सूरदास’ मोहि यहि अचंभो एक गयी द्वै पाई ll 2 ll \nराजभोग दर्शन – \nसाज – आज श्रीजी में बड़े बूटों वाली लाल रंग की छींट की केरी भात की पिछवाई धरायी जाती है जो कि रुपहली ज़री की तुईलैस की किनारी के हांशिया से सुसज्जित है. गादी\, तकिया एवं चरणचौकी पर सफेद बिछावट की जाती है एवं प्रभु के स्वरुप के सम्मुख लाल रंग की तेह बिछाई जाती है. \nवस्त्र – आज श्रीजी को लाल रंग की छींट का रुई भरा सूथन\, चोली\, घेरदार वागा एवं मोजाजी धराये जाते हैं. ठाड़े वस्त्र श्वेत लट्ठे के धराये जाते हैं. \nश्रृंगार – आज श्रीजी को छोटा (कमर तक) चार माला का हल्का श्रृंगार धराया जाता है. हीरा\, मोती के सर्व आभरण धराये जाते हैं.\n श्रीमस्तक पर लाल रंग की छींट की छज्जेदार पाग के ऊपर सिरपैंच\, लूम\, मोरपंख की सादी चन्द्रिका एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में कर्णफूल धराये जाते हैं.\nश्रीकंठ में त्रवल नहीं आवे व कंठी धरायी जाती है. सफ़ेद एवं पीले पुष्पों की चार कलात्मक मालाजी धरायी जाती है. श्रीहस्त में स्वर्ण के वेणुजी एवं एक वेत्रजी (विट्ठलेशरायजी के) धराये जाते हैं.\nपट लाल एवं गोटी स्याम मीना की आती हैं.\nआरसी श्रृंगार में सोना की दिखाई जाती हैं.  \nआज शयनभोग में प्रभु को शाकघर में सिद्ध सूखे मेवे का अद्भुत खींच भी अरोगाया जाता है जो कि वर्षभर में केवल आज के दिन ही अरोगाया जाता है. \nSource : Shrinathji Temple Management\n       : facebook page : Shreenathji Nity darshan \nगेंद खेलवे के पद :\nराग : धनाश्रि  \nग्वालिन तें मेरी गेंदचुराई ॥\nखेलत आन परी पलकापर अंगियां मांझ दुराई ॥१ ॥\nभुज पकरत मेरी अंगियां टटोवत छूवत छतियां पराई ॥\nसूरदास मोहि येही अचंबो एक गई द्वयपाई ॥२ ॥ \nपतंग के पद :\nराग : कान्हरो \nउड़ी उडावन लागे लाल ॥\nसुंदर पथक बांध मनमोहन बाजत मोरनके ताल ॥१॥\nकाऊ पकरत कोऊ एंचत कोऊ देखत नैन विशाल ॥\nकोऊ न कोऊ करत कुलाहल कोऊ बजत बोहो करताल॥२॥\nकोऊ गुड गुडीसों रिझ आपुन खेंचत डोर रसाल ॥\n‘परमानंद’ स्वामी मनमोहन रीझ रहत एक ही ततकाल ॥३॥ \nभोजन के पद :\nराग : आसावरी\nमात जसोदा परव मनावे ॥\nभोगीके दिन तिल लडुवा ले लाडिले लालनकोंजु जिमावे ॥१ ॥\nगोद बेठाय निहारत सुत मुख नानाविध के दान दिवावे ॥\nकुंभनदास प्रभु गोवरधन घर निरख निरख सबही सुख पावे ॥ २ ॥
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-11/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260113
DTEND;VALUE=DATE:20260114
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121804Z
LAST-MODIFIED:20250722T121804Z
UID:30843-1768262400-1768348799@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 10
DESCRIPTION:भोगी |
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-10/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260112
DTEND;VALUE=DATE:20260113
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121803Z
LAST-MODIFIED:20250722T121803Z
UID:30842-1768176000-1768262399@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 9
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-9/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260111
DTEND;VALUE=DATE:20260112
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121802Z
LAST-MODIFIED:20250722T121802Z
UID:30841-1768089600-1768175999@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 8
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-8/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260110
DTEND;VALUE=DATE:20260111
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121801Z
LAST-MODIFIED:20250722T121801Z
UID:30840-1768003200-1768089599@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 7
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-7-2/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260109
DTEND;VALUE=DATE:20260110
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121800Z
LAST-MODIFIED:20250722T121800Z
UID:30839-1767916800-1768003199@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 7
DESCRIPTION:पीली घटा |
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-7/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260108
DTEND;VALUE=DATE:20260109
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121759Z
LAST-MODIFIED:20250722T121759Z
UID:30838-1767830400-1767916799@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 6
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-6/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260107
DTEND;VALUE=DATE:20260108
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121758Z
LAST-MODIFIED:20250722T121758Z
UID:30837-1767744000-1767830399@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 5
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-5/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260106
DTEND;VALUE=DATE:20260107
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121758Z
LAST-MODIFIED:20250722T121758Z
UID:30836-1767657600-1767743999@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 3
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-3/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260105
DTEND;VALUE=DATE:20260106
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121757Z
LAST-MODIFIED:20250722T121757Z
UID:30835-1767571200-1767657599@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 2
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260104
DTEND;VALUE=DATE:20260105
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121756Z
LAST-MODIFIED:20250722T121756Z
UID:30834-1767484800-1767571199@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष कृष्णपक्ष 1
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-1/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260103
DTEND;VALUE=DATE:20260104
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121755Z
LAST-MODIFIED:20250722T121755Z
UID:30833-1767398400-1767484799@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष शुक्लपक्ष 15
DESCRIPTION:माघ स्नानारम्भः ।
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-15/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260102
DTEND;VALUE=DATE:20260103
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121754Z
LAST-MODIFIED:20250722T121754Z
UID:30832-1767312000-1767398399@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष शुक्लपक्ष 14
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-14/
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20260101
DTEND;VALUE=DATE:20260102
DTSTAMP:20260501T021308
CREATED:20250722T121754Z
LAST-MODIFIED:20250722T121754Z
UID:30831-1767225600-1767311999@vrajdwar.org
SUMMARY:पोष शुक्लपक्ष 13
DESCRIPTION:
URL:https://vrajdwar.org/tithi/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-13/
END:VEVENT
END:VCALENDAR